Bhagavad Gita Chapter 2 Shloka 45 | श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद् भगवद् गीता द्वितीय अध्याय सांख्ययोग
त्रैगुण्यविषया वेदा निस्त्रैगुण्यो भवार्जुन |निर्द्वन्द्वो नित्यसत्त्वस्थो निर्योगक्षेम आत्मवान् || ४५ ||
trai-guṇya-viṣhayā vedā nistrai-guṇyo bhavārjunanirdvandvo nitya-sattva-stho niryoga-kṣhema ātmavān
Hindi Translation:- हे...
Bhagavad Gita Chapter 1 Shloka 32 | श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद् भगवद् गीता प्रथम अध्याय अर्जुनविषादयोग
न काङ्क्षे विजयं कृष्ण न च राज्यं सुखानि च |किं नो राज्येन गोविन्द किं भोगैर्जीवितेन वा || ३२...
Bhagavad Gita Chapter 2 Shloka 61 | श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद् भगवद् गीता द्वितीय अध्याय सांख्ययोग
तानि सर्वाणि संयम्य युक्त आसीत मत्पर: |वशे हि यस्येन्द्रियाणि तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता || ६१ ||
tāni sarvāṇi sanyamya yukta āsīta...
Bhagavad Gita Chapter 4 Shloka 9 | श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद् भगवद् गीता चतुर्थ अध्याय ज्ञानकर्मसंन्यासयोग
जन्म कर्म च मे दिव्यमेवं यो वेत्ति तत्त्वत: |त्यक्त्वा देहं पुनर्जन्म नैति मामेति सोऽर्जुन || ९ ||
janma karma cha...
Bhagavad Gita Chapter 3 Shloka 35 | श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद् भगवद् गीता तृतीय अध्याय कर्मयोग
श्रेयान्स्वधर्मो विगुण: परधर्मात्स्वनुष्ठितात् |स्वधर्मे निधनं श्रेय: परधर्मो भयावह: || ३५ ||
śhreyān swa-dharmo viguṇaḥ para-dharmāt sv-anuṣhṭhitātswa-dharme nidhanaṁ śhreyaḥ para-dharmo bhayāvahaḥ
Hindi...
Bhagavad Gita Chapter 5 Shloka 25 | श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद् भगवद् गीता पंचम अध्याय कर्मसंन्यासयोग
लभन्ते ब्रह्मनिर्वाणमृषय: क्षीणकल्मषा: |छिन्नद्वैधा यतात्मान: सर्वभूतहिते रता: || २५ ||
labhante brahma-nirvāṇam ṛiṣhayaḥ kṣhīṇa-kalmaṣhāḥchhinna-dvaidhā yatātmānaḥ sarva-bhūta-hite ratāḥ
Hindi Translation:- जिनके सब...
Bhagavad Gita Chapter 3 Shloka 30 | श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद् भगवद् गीता तृतीय अध्याय कर्मयोग
मयि सर्वाणि कर्माणि संन्यस्याध्यात्मचेतसा |निराशीर्निर्ममो भूत्वा युध्यस्व विगतज्वर: || ३० ||
mayi sarvāṇi karmāṇi sannyasyādhyātma-chetasānirāśhīr nirmamo bhūtvā yudhyasva vigata-jvaraḥ
Hindi Translation:-...
Bhagavad Gita Chapter 3 Shloka 20 | श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद् भगवद् गीता तृतीय अध्याय कर्मयोग
कर्मणैव हि संसिद्धिमास्थिता जनकादय: |लोकसंग्रहमेवापि सम्पश्यन्कर्तुमर्हसि || २० ||
karmaṇaiva hi sansiddhim āsthitā janakādayaḥloka-saṅgraham evāpi sampaśhyan kartum arhasi
Hindi Translation:- जनकादि...
Bhagavad Gita Chapter 1 Shloka 24-25 | श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद् भगवद् गीता प्रथम अध्याय अर्जुनविषादयोग
सञ्जय उवाचएवमुक्तो हृषीकेशो गुडाकेशेन भारत |सेनयोरुभयोर्मध्ये स्थापयित्वा रथोत्तमम् || २४ ||भीष्मद्रोणप्रमुखत: सर्वेषां च महीक्षिताम् |उवाच पार्थ पश्यैतान्समवेतान्कुरूनिति ||...
Bhagavad Gita Chapter 2 Shloka 27 | श्रीमद्भगवद्गीता
श्रीमद् भगवद् गीता द्वितीय अध्याय सांख्ययोग
जातस्य हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च |तस्मादपरिहार्येऽर्थे न त्वं शोचितुमर्हसि || २७ ||
jātasya hi dhruvo mṛityur dhruvaṁ janma...















