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भोजन मंत्र – अन्नपूर्णे सदा पूर्णे | Bhojan Mantra
भोजन मन्त्र
अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे।ज्ञान वैराग्य-शिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति॥माता च पार्वती देवी पिता देवो महेश्वरः।बान्धवाः शिव भक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम्॥
annapūrṇe sadāpūrṇeśaṅkaraprāṇavallabhejñāna vairāgya siddhyarthaṃbhikṣāṃ dehi...
ॐ सह नाववतु। भोजन मंत्र | Bhojan Mantra
भोजन मन्त्र
खाना खाने से पहले यह मंत्र बोलने की परंपरा सदियों पुरानी है। इससे भोजन के प्रति कृतज्ञता और सम्मान का भाव आता है।
मन्त्र:...
नवग्रह स्तोत्र को सरल रूप में पढ़ें | शुरुआती पाठकों के लिए आसान प्रस्तुति
संस्कृत के स्तोत्रों का पाठ करना एक सुंदर आध्यात्मिक अनुभव है, लेकिन बहुत से लोगों के लिए शुरुआत करना आसान नहीं होता। विशेष रूप...
नवग्रह स्तोत्र | Navagraha Stotram
नवग्रहस्तोत्र ( Navagrah Stotra )
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम् ॥ १॥
सूर्य (Sun)
दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम् ।नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्...
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भोजन मंत्र – ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविः | Bhojan Mantra
भोजन मन्त्र
ॐ ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम्। ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्म समाधिना।।
brahmārpaṇaṁ brahma havir brahmāgnau brahmaṇā hutambrahmaiva tena gantavyaṁ brahma-karma-samādhinā
अर्थ:- जिसमें अर्पण किया जाता है, वह ब्रह्म...
भोजन मंत्र – अन्नपूर्णे सदा पूर्णे | Bhojan Mantra
भोजन मन्त्र
अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे।ज्ञान वैराग्य-शिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति॥माता च पार्वती देवी पिता देवो महेश्वरः।बान्धवाः शिव भक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम्॥
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भोजन मन्त्र
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॥ श्री गणेशाय नमः ॥
जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम् ॥ १॥
सूर्य (Sun)
दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम् ।नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्...
काव्यशास्त्र के प्रमुख ग्रन्थ एवं उनके लेखक
भारतीय काव्यशास्त्र की परम्परा अत्यन्त समृद्ध और प्राचीन है। विभिन्न आचार्यों ने काव्य के स्वरूप, रस, अलंकार, रीति, ध्वनि तथा वक्रोक्ति आदि सिद्धान्तों का...
Before the midterm rush hit, I hired an argumentative paper writer to help me outline my ideas properly.
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