श्री कृष्ण श्लोक | Shlokas on Krishna with meaning
Krishna Shloka
वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्।देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥
vasudevasutaṃ devaṃ kaṃsacāṇūramardanam।devakīparamānandaṃ kṛṣṇaṃ vande jagadgurum॥
हिंदी अनुवाद :- मैं वसुदेव के पुत्र, कंस और चाणूर (जैसे राक्षसों को)...
छन्द (Chhand) का परिचय, प्रकार, नियम एवं कुछ प्रमुख छन्द
छन्द परिचय
छंद और कविता का गहन संबंध है। वैदिक साहित्य में छंद की महत्ता बताई गई है और छन्द को वेद में छान्दस कहा गया...
स्रग्धरा छन्द | Sragdhara Chhand
स्रग्धरा | Sragdhara
छन्द का नामकरण :-
स्रग्धरा का अर्थ माला को धारण करने वाली है।
इस छन्द में कवि अपनी बात को 'स्रक्' अर्थात्...
उपजाति छन्द | Upajati Chhand
उपजाति
उपजाति छन्द परिचय :-
उपजाति छन्द के प्रत्येक चरण में 11 अक्षर है तथा सम्पूर्ण श्लोक में 44 अक्षर होते है।
इस छन्द के प्रत्येक चरण...
शार्दूलविक्रीडित छन्द | Shardulvikridit Chhand
शार्दूलविक्रीडित | Shardulvikridit
शार्दूलविक्रीडित छन्द परिचय :-
शार्दूलविक्रीडित छन्द के प्रत्येक चरण में 19 अक्षर है तथा सम्पूर्ण श्लोक में 76 अक्षर है।
इस छन्द के प्रत्येक...
मन्दाक्रान्ता छन्द | Mandakranta Chhand
मन्दाक्रान्ता | Mandakranta
मन्दाक्रान्ता छन्द परिचय :-
मन्दाक्रान्ता छन्द के प्रत्येक चरण में 17 अक्षर है तथा सम्पूर्ण श्लोक में 68 अक्षर है।
इस छन्द के प्रत्येक...











